गाइड
आई क्रीम किस काम आती है, और क्या यह सच में ज़रूरी है?
आँखों के आसपास की स्किन चेहरे के बाक़ी हिस्सों से काफ़ी पतली होती है और इसमें ऑयल ग्रंथियाँ कम होती हैं। इसलिए यह रूखेपन, बारीक रेखाओं और जलन के प्रति ज़्यादा संवेदनशील है। आई क्रीम इस हिस्से के लिए ज़्यादा सौम्य और आम तौर पर बिना ख़ुशबू वाले फ़ॉर्मूले हैं; लेकिन डार्क सर्कल और आँखों के नीचे की थैलियों पर ये क्या बदल सकती हैं, इस बारे में यथार्थवादी रहना ज़रूरी है।
रूटीन में इसकी जगह
- साफ़ करें
- संतुलित करें
- ट्रीट करें
- नमी दें
- सुरक्षा करें
क्या आई क्रीम ज़रूरी है?
ज़रूरी नहीं। अगर आपका फ़ेस मॉइस्चराइज़र आँखों के आसपास जलन, लालिमा या पानी आना नहीं करता, तो आप उसे वहाँ भी लगा सकते हैं। आई क्रीम तब समझ में आती है जब फ़ेस क्रीम से आँखें जलती हों, इस हिस्से को ज़्यादा नमी चाहिए, या आप इसके लिए कोई ख़ास इंग्रीडिएंट चाहते हों (जैसे कम मात्रा में रेटिनॉल या कैफ़ीन)।
आई क्रीम की छोटी डिब्बियाँ और ऊँची क़ीमतें अक्सर फ़ॉर्मूले से ज़्यादा मार्केटिंग की वजह से होती हैं। सबसे महँगी को सबसे अच्छी मानने के बजाय लेबल पढ़ना ज़्यादा काम का है।
डार्क सर्कल, थैलियाँ और झुर्रियाँ: क्रीम क्या कर सकती है?
डार्क सर्कल की कई वजहें होती हैं: ख़ानदानी पिगमेंटेशन, पतली स्किन के नीचे दिखती रक्त नलिकाएँ, उम्र के साथ बनने वाले गड्ढे की परछाईं, एलर्जी और नींद की कमी। क्रीम सिर्फ़ पिगमेंट वाले डार्क सर्कल में (नियासिनामाइड, विटामिन C या कोजिक एसिड जैसे इंग्रीडिएंट से) और समय के साथ स्किन को थोड़ा मोटा करके (रेटिनॉल से) सीमित मदद करती है। परछाईं और बनावट से जुड़े गड्ढे क्रीम से नहीं बदलते।
सुबह की सूजन ज़्यादातर तरल जमा होने से होती है; कैफ़ीन वाली क्रीम और ठंडक इसे कुछ समय के लिए कम कर सकती हैं। स्थायी थैलियाँ फ़ैट पैड के खिसकने से जुड़ी हैं और क्रीम से नहीं जातीं। बारीक रेखाओं के लिए रेटिनॉइड्स के पक्ष में सबसे मज़बूत सबूत हैं; पेप्टाइड और अच्छी नमी भी इन्हें कम दिखाते हैं।
ख़रीदते समय क्या देखें
- "ophthalmologist tested" लिखा बिना ख़ुशबू वाला फ़ॉर्मूला
- सूजन के लिए कैफ़ीन; बारीक रेखाओं के लिए कम मात्रा में रेटिनॉल या पेप्टाइड; कालेपन के लिए नियासिनामाइड या विटामिन C
- रूखी आँखों के आसपास के लिए सेरामाइड, ग्लिसरीन और हायल्यूरोनिक एसिड
- रेटिनॉल वाली आई क्रीम में कम मात्रा और धीरे-धीरे शुरुआत
- कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं या आँखों से आसानी से पानी आता है तो हल्का टेक्सचर जो आँखों में न जाए
इस्तेमाल का तरीका
हर आँख के लिए चावल के दाने जितनी मात्रा काफ़ी है। अनामिका उंगली से प्रोडक्ट को आँख के नीचे की हड्डी पर बिंदुओं में रखें और हल्के से थपथपाकर लगाएँ। पलकों की जड़ के बहुत पास न जाएँ; शरीर की गर्मी से प्रोडक्ट वहाँ तक अपने आप पहुँच जाता है।
आई क्रीम सीरम के बाद और मॉइस्चराइज़र से पहले लगाएँ। सुबह आँखों के आसपास भी सनस्क्रीन लगाना और धूप का चश्मा पहनना याद रखें; इस हिस्से की ज़्यादातर झुर्रियाँ धूप से जुड़ी होती हैं।
आई क्रीम को फ़्रिज में रखने से लगाते समय ठंडक का एहसास बढ़ता है, ख़ासकर सुबह की सूजन में।
आम गलतियाँ
- ज़्यादा मात्रा लगाना: अतिरिक्त प्रोडक्ट आँखों में जाकर जलन और पानी ला सकता है
- आँखों के आसपास की स्किन को रगड़ना और खींचना
- यह उम्मीद करना कि क्रीम स्थायी थैलियों या परछाईं वाले डार्क सर्कल को मिटा देगी
- आँखों के आसपास को धूप से न बचाना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आई क्रीम किस उम्र से शुरू करें?
कोई तय उम्र नहीं है। अगर आँखों के आसपास स्किन रूखी है या फ़ेस क्रीम से आँखें जलती हैं, तो किसी भी उम्र में इस्तेमाल कर सकते हैं। बारीक रेखाओं से बचाव के सबसे ज़रूरी कदम सनस्क्रीन और धूप का चश्मा हैं।
क्या आई क्रीम से डार्क सर्कल चले जाते हैं?
पिगमेंट वाले डार्क सर्कल में क्रीम महीनों में थोड़ा हल्का कर सकती है। रक्त नलिकाओं या परछाईं वाले डार्क सर्कल में असर कम होता है; वहाँ कंसीलर या डर्मेटोलॉजिस्ट के ट्रीटमेंट ज़्यादा फ़र्क लाते हैं।
क्या आँखों के आसपास रेटिनॉल लगा सकते हैं?
हाँ, लेकिन आँखों के आसपास के लिए बने कम मात्रा वाले प्रोडक्ट से, हफ़्ते में कुछ रातों से शुरुआत करके। रूखापन या पपड़ी हो तो इस्तेमाल कम करें।
आई क्रीम या फ़ेस क्रीम?
अगर आपकी फ़ेस क्रीम आँखों के आसपास कोई दिक्कत नहीं करती, तो वही काफ़ी है। अगर वह जलन करती है या आप इस हिस्से के लिए ख़ास इंग्रीडिएंट चाहते हैं, तो आई क्रीम बेहतर विकल्प है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, यह मेडिकल सलाह नहीं है। अगर आपको कोई स्किन की बीमारी है, आप गर्भवती हैं या नियमित रूप से कोई दवा लेते हैं, तो नया प्रोडक्ट शुरू करने से पहले अपने डर्मेटोलॉजिस्ट या फ़ार्मासिस्ट से सलाह लें।
आपके लिए कौन-से प्रोडक्ट सही हैं?
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