गाइड
सूखे होंठों के लिए लिप बाम कैसे चुनें
होंठों की स्किन बहुत पतली होती है और इसमें ऑयल ग्रंथियाँ नहीं होतीं, इसलिए यह अपनी नमी ख़ुद नहीं रोक पाती और ठंड, हवा और धूप में जल्दी सूख जाती है। अच्छा लिप बाम होंठों पर एक सुरक्षा परत बनाता है। ग़लत चुना गया बाम ताज़गी का एहसास तो देता है, लेकिन रूखापन बढ़ाता है, जिससे आपको बार-बार लगाना पड़ता है।
होंठ इतनी जल्दी क्यों सूखते हैं?
होंठों की ऊपरी परत चेहरे की स्किन से बहुत पतली होती है और इसमें ऑयल ग्रंथियाँ नहीं होतीं। इसलिए होंठ जल्दी पानी खोते हैं और बाहरी माहौल से लगभग असुरक्षित रहते हैं। ठंडी-सूखी हवा, तेज़ हवा, धूप, मुँह से साँस लेना, बार-बार होंठ चाटना और कुछ दवाएँ (ख़ासकर पिंपल में इस्तेमाल होने वाला आइसोट्रेटिनॉइन) रूखापन काफ़ी बढ़ा देती हैं।
होंठ चाटने से पल भर राहत मिलती है, लेकिन लार के सूखते ही होंठ और सूख जाते हैं, और लार के एंज़ाइम पतली स्किन में जलन करते हैं। इस चक्र को तोड़ने का सबसे आसान तरीका है हमेशा साथ में एक अच्छा लिप बाम रखना।
अच्छे लिप बाम में क्या होना चाहिए?
- ऑक्लूसिव: पेट्रोलियम जेली, मधुमक्खी का मोम, शिया बटर, डाइमेथिकोन; यही सुरक्षा परत असल में पानी की कमी घटाती है
- इमोलिएंट: स्क्वालेन, सेरामाइड, वनस्पति तेल; दरारें भरकर होंठ मुलायम करते हैं
- ह्यूमेक्टेंट: ग्लिसरीन, हायल्यूरोनिक एसिड, पैंथेनॉल; लेकिन हमेशा किसी ऑक्लूसिव इंग्रीडिएंट के साथ
- दिन में बाहर हों तो SPF 30 या उससे ज़्यादा: ख़ासकर निचले होंठ पर बहुत धूप पड़ती है
- सेंसिटिव होंठों के लिए बिना ख़ुशबू और बिना फ़्लेवर वाला फ़ॉर्मूला
किन इंग्रीडिएंट्स से बचें
मेंथॉल, कपूर, फ़िनॉल और यूकेलिप्टस होंठों पर ठंडक और झुनझुनी देते हैं; इसे "ठीक होना" समझा जाता है, लेकिन असल में यह हल्की जलन का संकेत है। दालचीनी, पुदीना या खट्टे फलों के फ़्लेवर और तेज़ ख़ुशबू भी, ख़ासकर सेंसिटिव होंठों में, एलर्जी कर सकते हैं।
लैनोलिन बेहतरीन सुरक्षा देता है, लेकिन कुछ लोगों में एलर्जी कर सकता है। अगर किसी बाम के बाद होंठों में ज़्यादा खुजली, जलन या पपड़ी हो, तो इंग्रीडिएंट लिस्ट देखें और बिना ख़ुशबू वाले, कम इंग्रीडिएंट वाले प्रोडक्ट पर जाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
दिन में जब भी ज़रूरत हो, ख़ासकर खाने-पीने के बाद, लिप बाम दोबारा लगाएँ। दिन में बाहर जाते समय SPF वाला बाम लगाएँ और धूप में हर दो घंटे में दोबारा लगाएँ। सोने से पहले पेट्रोलियम जेली की मोटी परत या भरपूर लिप मास्क सुबह तक पानी की कमी घटाता है।
बहुत सूखे और पपड़ीदार होंठों पर कठोर स्क्रब से बचें। बाम लगाकर कुछ मिनट रुकें और फिर गीले सूती कपड़े से बहुत हल्के हाथ से पोंछें; उखड़ती पपड़ी आसानी से हट जाएगी।
सर्दियों में और जिन रातों में आप मुँह से साँस लेते हैं, बेडरूम में ह्यूमिडिफ़ायर होंठों और स्किन का रूखापन भी कम करता है।
डॉक्टर के पास कब जाएँ?
- अच्छी देखभाल के दो-तीन हफ़्ते बाद भी न सुधरने वाली दरारें और पपड़ी
- मुँह के कोनों पर बार-बार होने वाले लाल, फटे घाव
- होंठ पर न भरने वाला घाव, सख़्त हिस्सा या रंग में बदलाव
- किसी ख़ास प्रोडक्ट के बाद सूजन, खुजली और जलन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पेट्रोलियम जेली होंठों के लिए अच्छी है?
हाँ। कॉस्मेटिक ग्रेड पेट्रोलियम जेली पानी की कमी घटाने वाले सबसे असरदार ऑक्लूसिव में से एक है और इससे एलर्जी बहुत कम होती है। रात में मोटी परत के रूप में यह ख़ास तौर पर अच्छा काम करती है।
क्या लिप बाम की लत लगती है?
बाम से ख़ुद लत नहीं लगती। लेकिन मेंथॉल, कपूर और फ़्लेवर वाले प्रोडक्ट होंठों में हल्की जलन करके बार-बार लगाने की इच्छा बढ़ा सकते हैं। बिना ख़ुशबू वाले सुरक्षा देने वाले बाम पर जाने से यह चक्र आम तौर पर टूट जाता है।
क्या होंठों को स्क्रब करना चाहिए?
नियमित रूप से ज़रूरत नहीं है। होंठों में पपड़ी हो तो कठोर शुगर स्क्रब के बजाय बाम लगाकर गीले कपड़े से हल्के से पोंछना काफ़ी है। ज़्यादा स्क्रब करने से होंठ और सेंसिटिव हो जाते हैं।
क्या होंठों को धूप से सुरक्षा चाहिए?
हाँ। होंठों पर, ख़ासकर निचले होंठ पर, बहुत धूप पड़ती है और इस हिस्से में धूप से जुड़े स्किन कैंसर हो सकते हैं। अगर लंबे समय बाहर रहते हैं, तो SPF 30 या उससे ज़्यादा वाला लिप बाम इस्तेमाल करें और नियमित रूप से दोबारा लगाएँ।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, यह मेडिकल सलाह नहीं है। अगर आपको कोई स्किन की बीमारी है, आप गर्भवती हैं या नियमित रूप से कोई दवा लेते हैं, तो नया प्रोडक्ट शुरू करने से पहले अपने डर्मेटोलॉजिस्ट या फ़ार्मासिस्ट से सलाह लें।
आपके लिए कौन-से प्रोडक्ट सही हैं?
कुछ सवालों के जवाब दें और अपनी स्किन टाइप व लक्ष्य के हिसाब से सुबह-शाम का रूटीन पाएँ, तीन बजट विकल्पों में।
मेरा रूटीन बनाएँ